Wednesday, December 4, 2013

नदी

वो नदी सी मुझ पत्थर के ऐब मिटा गयी,
जो मैंने माँगा उसका साथ , मुझे छोड़ वो सागर में समा गयी | 

आज मैं रत्नो में श्रेष्ठ हु ,
मुकुटों में जड़ने योग हु
सब मेरे गुण को सराहते है ,
पर मुझे ऐसा बनाने वाली नदी को नहीं पहचानते है | 

आज भी उस नदी कि याद आती है ,
समा  जाऊ  उसमे ये इच्छा जगती है |

पर जो बिछड़े, फिर कहा वो मिल पाते है
पत्थर के  रूह  पर ना दिखने वाले लहरो के बस  निशान रह जाते है .. बस  निशान रह जाते है |

Monday, August 19, 2013

अमावास थी जिंदगी



यू तो अमावास थी जिंदगी
तुझे देखा तो चाँद का दीदार हुवा

ता उम्र लड़ा मैं खुद से
तुझे पाया तो खुद से भी प्यार हुवा (स जे )

Sunday, June 2, 2013

परो को काट दे दुनिया

मेरे परो को काट दे दुनिया बेशक मैं उड़ ना पाऊंगा
पर जब तक धकेगा ये दिल , ये आशमा मैं तुझे ही चाहूँगा (SJ)

मन

जब खुले थे तो खुद ही जा उलझा था उसकी जुल्फों में
आज खुद ही उससे निकलने को कहता है मन

जाने किन भावों में बहता है मन
अजीब कश्मकश  में रहता है मन

जब पास थी तो उससे दूर जाने का करता था मन
आज दूर है तो उसके लिए तड़पता है मन

होश में होकर भी मदहोश  रहता है मन
अजीब कश्मकश  में रहता है मन (SJ)

Tuesday, May 21, 2013

यादे

अब यादे भी दुरिया पार नहीं कर पाती . ... तेरी याद जो पहले आती थी वो अब नहीं आती 
रोज करता हु बंद आँखों से तेरे दीदार की कोशिश ..... पर वो तस्वीर अब नज़र नहीं आती

Friday, May 17, 2013

दिल


मेरे परो को काट दे दुनिया , बेशक मैं उड़ ना पाऊंगा 

पर जब तक धड़केगा ये दिल , ये आशमा मैं तुझे ही चाहूँगा 

Sunday, May 5, 2013

मेरे वादे से कमजोर मेरी सांसो की डोर है
उसके टूटने से पहले ये टूट जायेंगी.........

Saturday, May 4, 2013

Diya aur Suraj

मैं दिया हूँ , सूरज से मेरा क्या मुकाबला
बस मैं वहाँ साथ दूँगा जहाँ वो साथ छोड़ जाएगा 
hosh me to himmat nahi hoti .. madhoosh hona padta hai mohoobat kerne ke liye ...

बदस्तूर जारी है उसका हमें नज़रंदाज़ करना, और हमारा उसकी आँखों में गिरफ्तार रहना
कभी तो हमें देखने के लिए आँखे खोलेगी वो, और हमें आज़ाद करेगी