कोई पूछे, मेरी जिंदगी का सार क्या है
लूँ तेरा नाम, कहानी और क्या है
कोई पूछे, इन होठो पर ये मुस्कान कैसे है
तुझे सोचू, ख़याल और कोई कहाँ है
कोई पूछे, अँधेरे में मेरी राह खोयी क्यों नहीं
विश्वास पर चलता हूँ, रोशनी की जरूरत कहाँ है
कोई पूछे, मैं सुस्ताता क्यों नहीं
हो मंजिल सामने, पैर रुकते कहाँ है
गले मिले, शिकवा ना करे, जहाँ मुझे सुकून मिले
वो बाँहे फैलाये खड़ी है, मौत जिंदगी का अन्त नहीं है
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